दिवंगत सुषमा स्वराज की आज 68वीं जन्मजयंती, सर्वश्रेष्ठ वक्ता के तौर पर थी पहचान

आज भारतीय महिला राजनीतिज्ञ, पूर्व विदेश मंत्री और दिवंगत बीजेपी नेता सुषमा स्वराज का 68वां जन्म जयंती है. सुषमा स्वराज भारतीय समुदाय से सम्पर्क और उनके प्रति करुणा के लिये जानी जाती थी.

आज भारतीय महिला राजनीतिज्ञ, पूर्व विदेश मंत्री और दिवंगत बीजेपी नेता सुषमा स्वराज का 68वां जन्म जयंती है. सुषमा स्वराज भारतीय समुदाय से सम्पर्क और उनके प्रति करुणा के लिये जानी जाती थी. बता दें नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के पहले कार्यकाल में सुषमा स्वराज ने विदेश मंत्री का दायित्व संभाला था और उन्होंने भारतीय कूटनीति में मानवीय पहल और करुणा को समाहित करने का काम किया था.

दिवगंत नेता सुषमा स्वराज का जन्म 14 फरवरी, 1952 को पंजाब के अंबाला में हुआ था. उनके पिता का नाम श्री हरदेव शर्मा था. वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एक प्रतिष्ठित सदस्य थे और माता का नाम श्रीमती लक्ष्मी देवी था. उन्होंने राजनीति विज्ञान और संस्कृत जैसे प्रमुख विषयों से अंबाला छावनी के एसडी कॉलेज से स्नातक की उपाधि प्राप्त की. सुषमा स्वराज ने चंडीगढ़ में पंजाब विश्वविद्यालय के कानून विभाग से एलएलबी की डिग्री हासिल की. 1970 में इन्होंने, अंबाला छावनी के एसडी कॉलेज से सर्वश्रेष्ठ छात्रा का पुरस्कार प्राप्त किया.

वह राजनीति में कैसे आईं?
नई पीढ़ी की नेता मानी जाने वाली सुषमा स्वराज ने भारतीय राजनीति में अपनी शुरुआत वर्ष 1970 में छात्र नेता के रूप में की थी. उन्होंने इंदिरा गांधी की सरकार के खिलाफ कई विरोध प्रदर्शन आयोजित किए थे. एक आसाधारण वक्ता और प्रचारक थी, जिन्होंने भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के बाद आपातकाल के विरोध में सक्रिय रूप से भाग लिया था. भारतीय राजनीति में इनकी भूमिका ने इन्हें पहले दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री और बाद में विपक्ष की पहली महिला नेता का पद दिलाया. इन्होंने हरियाणा में महज़ 27 साल की उम्र में ही भारतीय जनता पार्टी की राज्य अध्यक्षा का पद संभाला था.

सुषमा स्वराज को दिए गए सम्मान
सुषमा स्वराज को हरियाणा राज्य विधानसभा द्वारा सर्वश्रेष्ठ वक्ता पुरस्कार दिया गया.
सुषमा स्वराज को वर्ष 2008 और 2010 में दो बार सर्वश्रेष्ठ संसदीय पुरस्कार मिला था. वह उत्कृष्ट संसदीय पुरस्कार को प्राप्त करने वाली पहली और एकमात्र महिला सांसद हैं. ये भारतीय संसद की प्रथम एवं एकमात्र ऐसी महिला सदस्या हैं जिन्हें आउटस्टैण्डिंग पार्लिमैण्टेरियन सम्मान मिला है. इन्होंने चार राज्यों से 11 बार सीधे चुनाव लड़े.

सबसे ज्यादा फॉलो की जाने वाली विदेश मंत्री
सषमा स्वराज ट्विटर पर पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा फॉलो की जाने वाली विदेश मंत्री वह रही हैं. उन्हें विदेश में संकट में फंसे भारतीयों की मदद करने के लिए भी जाना जाता है. ट्विटर पर मदद की गुहार पर वह तुरंत प्रतिक्रिया भी देती थीं औऱ उसपर तत्काल प्रभाव से काम कार्य भी करती थी. यहां तक वे पाकिस्तान में भी लोकप्रिय थीं.

गौरतलब है कि बीते गुरुवार की शाम में सरकार ने दुनियाभर में फैले भारतीय समुदाय से सम्पर्क के प्रमुख सांस्कृतिक केंद्र ‘प्रवासी भारतीय केंद्र’ का नामकरण ‘सुषमा स्वराज भवन’ करने का निर्णय लिया है. जिसकी जानकारी खुद विदेश मंत्रालय ने दी है. मंत्रालय ने बताया कि इसके अलावा विदेश सेवा संस्थान का नाम बदलकर सुषमा स्वराज इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेन सर्विस करने का भी फैसला किया है.

आज सुषमा स्वराज की जन्म जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा की, ‘सुषमा जी को नमन। वह सार्वजनिक सेवा के लिए गरिमा, शालीनता और अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक हैं। वह दृढ़ता से भारतीय मूल्यों और लोकाचार से जुड़ी हुई थीं, राष्ट्र के लिए उन्होंने महान सपने देखे थे। वह एक असाधारण सहयोगी और एक उत्कृष्ट मंत्री थीं.’

इसके साथ ही गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि भाजपा की वरिष्ठ नेता को उनकी दयालु प्रकृति के लिए हमेशा याद किया जाएगा. उन्होंने कहा, ‘जयंती पर एक असाधारण नेता सुषमा स्वराज जी को श्रद्धांजलि। एक अनुशासित कार्यकर्त्ता, एक कुशल वक्ता और एक उत्कृष्ट सांसद जिन्होंने अपने आदर्शों से कभी समझौता नहीं किया। उन्हें हमेशा उनकी दयालु प्रकृति और मुसीबत में फंसे हुए लोगों की मदद करने के लिए याद किया जाएगा।’

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