World Cancer Day: आज मनाया जा रहा विश्व कैंसर दिवस, जानें कैंसर के लक्षण और बचाव

कैंसर के प्रति लोगों में जागरूकता पैदा करना और इसके बचाव के बारे में जानकारी देने हर साल 4 फरवरी को विश्व कैंसर दिवस मनाया जाता है. आज 4 फरवरी यानि विश्व कैंसर दिवस है.

विश्व कैंसर दिवस (कांसेप्ट इमेज)

कैंसर ये एक ऐसी बीमारी हैं, जिसका नाम सुनते ही लोगों में एक डर पैदा हो जाता है. इसकी पहचान एक जानलेवा बीमारी के तौर पर हैं. कैंसर एक ऐसी बीमारी है, जिसका अगर सही वक्त पर इलाज नहीं हुआ तो मरीज की जान जाना तय है. कैंसर के प्रति लोगों में जागरूकता पैदा करना और इसके बचाव के बारे में जानकारी देने हर साल 4 फरवरी को विश्व कैंसर दिवस मनाया जाता है. आज 4 फरवरी यानि विश्व कैंसर दिवस है. वहीं पॉजिटिव सोच और रोजाना की जिंदगी में थोड़ा सा बदलाव लोगों को इस खतरनाक बीमारी से दूर रख सकता है.

4 फरवरी यानि ‘वर्ल्ड कैंसर डे 2020’ जिसकी थीम है आई एम आई विल ( ‘I Am and I Will’ ). इसका मतलब अपने आप में एक बड़ा संदेश और मकसद भी हैं. इसका मतलब है कि ‘मैं कैंसर से लड़ सकता हूं और लड़ुंगा’. ये बीमारी ऐसी है कि जो न गरीबी देखती है, न अमीरी. हाल ही में बॉलीवुड अदाकार सोनाली बेंद्रे, मनीषा कोइराला, ताहिरा कश्यप, इरफान खान कैंसर जैसे भयानक बीमारी से लड़ कर वापस जिंदगी जीने के आनंद ले रही हैं. इसके अलावा भी कई बॉलीवुड सेलिब्रिटी हो या आम आदमी ऐसे बीमारी से जूझ रहे हैं, या तो इस बीमारी का सामना कर रहे हैं.

जानिए क्या होता है कैंसर ?
मानव शरीर बहुत सारी कोशिकाओं से मिलकर बना होता है. शरीर की जरूरत के हिसाब से ये कोशिकाएं बनती रहती हैं. मगर ये बनना अनियंत्रित हो जाए या फिर शरीर की मांग और जरूरत के हिसाब से बनना बंद हो जाए तो कोशिकाओं का यह अनियंत्रित विकास कैंसर कहलाता है. ये कोशिकाएं जैसे ही बढ़ती जाती हैं और संख्या में बहुत हो जाती है तो इनका एक समूह बन जाता है, यह एक समूह का रूप ले लेती है जिसको ट्यूमर कहते हैं.

कैंसर के लक्षण
कैंसर के आम लक्षण हैं वजन में कमी, बुखार, भूख में कमी, हड्डियों में दर्द, खांसी या मूंह से खून आना. इसके अलावा महिलाओं में पीरियड्स में तकलीफ, या असमय पीरियड्स का होना भी एक कारण हो सकता है. इसके अलाव महिलाओं के निप्पल में बदलाव आना भी इसके लक्षण हो सकते हैं. इसके अलावा त्वचा में गांठ या फोड़े होने से त्वचा संबंधित कैंसर का खतरा भी हो सकता है.
अगर किसी भी व्यक्ति को ये लक्षण दिखाई देते हैं, तो उसे तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.

भारत में सबसे ज्यादा मुंह, स्तन, सर्वाइकल, फेफड़ों और प्रोस्टेट का कैंसर देखने को मिलता है. जिनमें 60 फीसदी मामले मुंह, स्तन एवं गर्भाशय कैंसर के होते हैं. बता दें, भारत में मुंह के कैंसर के कारण सबसे ज्यादा मौतें होती हैं, इसका मुख्य कारण धूम्रपान और तंबाकू है. इसलिए तंबाकू का सेवन और धूम्रपान न करें और स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं.

महिलाओं में स्तन कैंसर
महिलाओं में ज्यादातर स्तन में कैंसर की समस्या पाई जाती है. जिसका उन्हें विशेष तौर पर ध्यान रखने की जरूरत है. अगर उन्हें स्तन में किसी भी तरह की गांठ महसूस हो तो फौरन डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए. अगर सही वक्त पर स्तन कैंसर के लक्षणों को नहीं पहचाना गया तो यह पूरे शरीर में फैल सकता है. स्तन कैंसर में कैंसर की बीमारी की कोशिकाएं स्तन के टिश्यूज में बनती हैं. स्तन कैंसर के शुरुआती लक्षणों में स्तन के आकार में बदलाव आने के साथ ही गांठ का दिखना भी है. अगर आपको स्तन में गांठ महसूस हो रही है तो इसे हल्के में न लें. स्तन में दर्द और आकार के साथ त्वचा के रंग में परिवर्तन और निप्पल में सूजन भी स्तन कैंसर के लक्षणों में शामिल हैं.

जिनेवा में पहली बार मनाया गया कैंसर दिवस
पहली बार विश्व कैंसर दिवस साल 1933 में मनाया गया. अंतरराष्ट्रीय कैंसर नियंत्रण संघ ने जिनेवा में पहली बार कैंसर दिवस मनाया. 4 फरवरी 2000 को कैंसर के खिलाफ विश्व कैंसर सम्मेलन हुआ जहां यह तय हुआ कि हर साल 4 फरवरी को कैंसर के खिलाफ जागरुकता फैलाने के लिए इस दिवस को मनाया जाएगा. वर्तमान में, दुनिया भर में हर साल 76 लाख लोग कैंसर से दम तोड़ते हैं जिनमें से 40 लाख लोग समय से पहले (30-69 वर्ष आयु वर्ग) मर जाते हैं. वर्ष 2025 तक, कैंसर के कारण समय से पहले होने वाली मौतों के बढ़कर प्रति वर्ष 60 लाख होने का अनुमान है.

कैंसर को लेकर लोगों में बहुत गलत धारणाएं भी बनी हुई है, इसलिए इस दिवस को मनाने का उद्देश्य, कैंसर के संबंध में फैली गलत धारणाओं को कम करना और इससे संबंधित सही जानकारी को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना है.

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