ऐसे त्यागी भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी देह, जानिए…


इंटरनेट डेस्क। वैसे तो भगवान श्रीकृष्ण की अनेक लीलाएं है, लेकिन उनकी कुछ लीला मन को छू जाती है। श्रीकृष्ण का जन्म मथुरा में हुआ था। उनका बचपन गोकुल, वृंदावन, नंदगाव, बरसाना आदि जगहों पर बीता। द्वारिका को उन्होंने अपना निवास स्थान बनाया और सोमनाथ के पास स्थित प्रभास क्षेत्र में उन्होंने देह छोड़ दी। आपको बता दें कि श्रीकृष्ण इसी प्रभाव क्षेत्र में अपने कुल का नाश देखकर बेहद व्यथित हो गए थे।

वह तभी से वहीं रहने लगे थे। एक दिन वे एक वृक्ष के नीचे विश्राम कर रहे थे तभी किसी भील ने उनको हिरण समझकर तीर मार दिया। ये तीर उनके पैरों में जाकर लगा और तभी उन्होंने देह त्यागने का फैसला ले लिया। एक दिन वह इसी प्रभाव क्षेत्र के वन में एक पीपल के वृक्ष के नीचे योगनिद्रा में लेटे थे।

तभी ‘जरा’ नामक एक भील ने भूलवश उन्हें हिरण समझकर विषयुक्त बाण चला दिया, जो उनके पैर के तलुवे में जाकर लगा और भगवान श्रीकृष्ण ने इसी को बहाना बनाकर देह त्याग दी। जानकारी के मुताबिक भगवान श्रीकृष्ण ने जब देहत्याग किया तब उनकी देह के केश न तो श्वेत थे और ना ही उनके शरीर पर किसी प्रकार से झुर्रियां पड़ी थी। अर्थात वे 119 वर्ष की उम्र में भी युवा जैसे ही थे।

गांधारी ने दिया था शाप
महाभारत युद्ध के बाद भगवान श्रीकृष्ण ने द्वारिका में 36 सालों तक राज किया। यहां वह अपनी 8 पत्नियों के साथ सुखपूर्वक रहते थे। गांधारी के शाप देने के चलते एक दिन सभी कृष्णवंशी एक यदु पर्व पर सोमनाथ के पास प्रभास क्षेत्र में एकत्रित हुए। वहां सभी मदिरा पीकर एक-दूसरे को मारने लगे। इस तरह श्रीकृष्ण को छोड़कर सभी मारे गए। सभी यदुओं के आपसी झगड़े में मारे जाने का महाभारत के मौसल पर्व में रोमांचकारी विवरण मिलता है। बचे लोगों ने श्रीकृष्ण के कहने के मुताबिक द्वारिका छोड़ दी और हस्तिनापुर की शरण ली।

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