कांग्रेस का पासा पलटा, बीजेपी की मुश्किलें बढ़ गई, जाने क्या है पूरा मामला…

मध्‍य प्रदेश में कांग्रेस के एक विधायक के इस्तीफा देने के बाद से ही कांग्रेस पर संकट बढ़ गया है। दरअसल कांग्रेस के विधायक हरदीप सिंह डंग ने इस्‍तीफा दे दिया। इसके ठीक बाद बीजेपी के दो विधायक सीएम कमलनाथ के सरकारी आवास पहुंच गए।

मध्‍य प्रदेश में कांग्रेस के एक विधायक के इस्तीफा देने के बाद से ही कांग्रेस पर संकट बढ़ गया है। दरअसल कांग्रेस के विधायक हरदीप सिंह डंग ने इस्‍तीफा दे दिया। इसके ठीक बाद बीजेपी के दो विधायक सीएम कमलनाथ के सरकारी आवास पहुंच गए। इतना ही नहीं आज कांग्रेस के कुछ और विधायक भी इस्‍तीफा दे सकते हैं। अगर ये विधायक इस्‍तीफा देते हैं तो कमलनाथ सरकार की परेशानी और भी ज्यादा बढ़ जाएगी।

रातों-रात बदला डीजीपी
सरकार पर आए इस संकट का अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि राज्‍य के डीजीपी को बदल दिया गया। डीजीपी वीके सिंह की जगह पर विवेक जौहरी को राज्‍य का नया डीजीपी बनाया गया है। एसपी और बीएसपी के विधायकों ने भी कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्‍होंने कांग्रेस को अपने बयानों पर लगाम लगाने की चेतावनी दी है। सत्‍तारूढ़ कांग्रेस के 4 ‘लापता’ विधायकों में शामिल हरदीप सिंह डंग ने इस्‍तीफा दे दिया। बीजेपी के बागी विधायक नारायण त्रिपाठी सीएम कमलनाथ के घर पहुंच गए। त्रिपाठी ने इसके बाद स्‍पीकर से भी मुलाकात की। पहले ऐसी अफवाह थी कि बीजेपी विधायक ने इस्‍तीफा दे दिया है लेकिन उन्‍होंने कहा कि अपने ‘विधानसभा क्षेत्र के विकास’ के लिए उन्‍होंने सीएम से मुलाकात की है।

सीएम आवास में दिखे बीजेपी विधायक
बीजेपी विधायक सीएम आवास में देखे जाने की बात कही जा रही है। बीजेपी विधायक संजय पाठक को सीएम आवास से निकलते देखे गए। त्रिपाठी के सीएम आवास पहुंचने से पहले राज्‍य सरकार में मंत्री गोविंद सिंह ने घोषणा की कि दो बीजेपी विधायक रात में कांग्रेस जॉइन करेंगे। इसके बाद ऐसी अटकलें शुरू हो गईं कि बीजेपी विधायक शरद कोल दूसरे विधायक हो सकते हैं लेकिन वह सीएम आवास में नहीं देखे गए। उसी समय बीजेपी नेता शिवराज सिंह चौहान और नरेंद्र सिंह तोमर नई दिल्‍ली में बीजेपी अध्‍यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात करते देखे गए। देर रात तक कांग्रेस के दो ‘लापता’ विधायकों बिसाहूलाल स‍िंह और रघुराज सिंह कंसाना और निर्दलीय विधायक सुरेंद्र सिंह शेरा की ओर से चुप्‍पी छाई रही। माना जा रहा है कि डंग के साथ ये तीनों ही विधायक बेंगलुरु में हैं। इससे पहले मंदसौर की सुवसरा विधानसभा सीट से कांग्रेस के विधायक हरदीप सिंह डंग ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया।

इस्‍तीफा देकर बोले डंग, कांग्रेस में हो रही थी उपेक्षा
विधायक डंग के इस्‍तीफे के बाद कांग्रेस सकते में आ गई। अपने इस्तीफे की चिट्ठी में हरदीप सिंह डंग ने लिखा है कि वह कमलनाथ, ज्योतिरादित्य सिंधिया या दिग्वजिय सिंह, किसी के भी खेमे के नहीं हैं इसलिए परेशान होते हैं। हरदीप सिंह डंग ने मंत्री पद ना दिए जाने पर भी नाराजगी जताई। डंग ने लिखा, ‘बड़ी उम्मीद से जनता ने मुझे विधायक बनाकर भेजा लेकिन लगातार मेरी उपेक्षा की जा रही है। कोई भी मंत्री काम करने को तैयार नहीं है। जनता को योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है और बजट का बहाना बताया जा रहा है। जबकि दूसरे क्षेत्रों में काम हो रहे हैं।’ सीएम कमलनाथ ने कहा कि डंग उनकी पार्टी के सदस्‍य हैं लेकिन उन्‍हें अभी इस्‍तीफा नहीं मिला है। मैं उनसे निजी तौर पर बात करुंगा या मुलाकात करुंगा।

कांग्रेस की रणनीति
कमलनाथ सरकार को बचाने के लिए कांग्रेस पार्टी जल्‍द ही मंत्रिमंडल का विस्‍तार किया जा सकता है। संकट को सुलझाने के लिए कमान खुद सीएम कमलनाथ और पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने संभाल ली है। कांग्रेस के नेता गुलाम नबी आजाद और कपिल सिब्‍बल भी बीजेपी के इस दांव को फेल करने में लग गए हैं। कांग्रेस की रणनीति है कि विधायकों के विश्‍वास को बनाए रखा जाए और बीजेपी के विधायकों को तोड़ा जाए। कांग्रेस की यही कोशिश है कि बीजेपी किसी भी तरह से 8 विधायकों को न तोड़ सके। निर्दलीयों से कहा जा रहा है कि वे जो मांगेंगे, उन्‍हें तत्‍काल मिलेगा। निर्दलीय विधायकों को मंत्री भी बनाया जा सकता है। जल्‍द ही प्रदेश कांग्रेस अध्‍यक्ष की भी नियुक्ति कर जिसके लिए ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया प्रयासरत हैं।

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