शाहीन बाग: प्रदर्शनकारियों को मनाने में असफल रहे वार्ताकार, कल फिर आएंगे

सुप्रीम कोर्ट से नियुक्त दोनों वार्ताकार संजय हेगड़े और साधना रामचंद्रन आज दूसरे दिन फिर शाहीन बाग प्रदर्शनकारियों से मिलने पहुंचे थे. करीब डेढ़ घंटे की बातचीत के बाद भी वार्ताकार प्रदर्शनकारियों को सड़क खुलवाने को लेकर राजी करने में असफल रहे. साधना रामचंद्रन ने कहा कि वे कल फिर बातचीत करने शाहीन बाग आएंगे.

सुप्रीम कोर्ट से नियुक्त दोनों वार्ताकार संजय हेगड़े और साधना रामचंद्रन आज दूसरे दिन फिर शाहीन बाग प्रदर्शनकारियों से मिलने पहुंचे थे. करीब डेढ़ घंटे की बातचीत के बाद भी वार्ताकार प्रदर्शनकारियों को सड़क खुलवाने को लेकर राजी करने में असफल रहे. प्रदर्शनकारियों ने संजय हेगड़े और साधना रामचंद्रन की मौजूदगी में ऐलान किया कि वह रास्ता खाली नहीं करेंगे. बता दें इससे पहले बुधवार को वार्ताकार संजय हेगड़े और साधना रामचंद्रन अपनी टीम के साथ बातचीत करने शाहीन बाग धरनास्थल गए थे. लेकिन एक दिन में हल नहीं निकल पाया था.

शाहीन बाग धरनास्थल पर वार्ताकारों ने मीडिया को बाहर निकलने की अपील की. वार्ताकारों ने पहले ही साफ कर दिया था कि प्रदर्शनकारियों से बातचीत मीडिया के गैरमौजूदगी में होगी. वार्ताकारों ने प्रदर्शनकारियों से कहा है कि हम किसी दूसरी जगह पर मिलकर बातचीत करेंगे. जहां बातचीत के लिए सिर्फ महिलाएं आएं. साथ ही वहां मीडिया के न आने की बात भी कही है. फिलहाल वार्ताकार ब्लॉक सड़कों का जायजा ले रहे हैं. साधना रामचंद्रन ने कहा कि वे कल फिर बातचीत करने शाहीन बाग आएंगे.

दूसरे दिन बातचीत के लिए पहुंची वार्ताकार साधना रामचंद्रन ने कहा कि आप ने हमें बुलाया था, इसलिए हम आए हैं. आप लोगों के नागरिकता कानून और एनआरसी को लेकर जो मुद्दे हैं वो सुप्रीम कोर्ट पहुंचे चुके हैं. जिसपर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है. सुप्रीम कोर्ट मानता है कि लोकतंत्र में विरोध करना आपका अधिकार है, लेकिन सड़क बंद करने का अधिकार नहीं है. शाहीन बाग है और शाहीन बाग बरकरार रहेगा. हमें कोर्ट ने सड़क खुलवाने और दूसरी जगह प्रदर्शन करने को लेकर बातचीत के लिए भेजा है.

साधना रामचंद्रन ने कहा कि ऐसी कोई समस्या नहीं है, जिसका समाधान नहीं हो सकता. हम हल निकालने की कोशिश करना चाहते हैं. हम चाहते हैं रास्ता भी खुले और आंदोलन भी चलता रहा. अगर बात नहीं बनी तो मामला फिर सुप्रीम कोर्ट जाएगा. वहीं जानकारी के अनुसार, बातचीत के दौरान वकील साधना रामचंद्रन नाराज हो गयी, इसकी वजह है वहां मौजूद एक प्रदर्शनकारी ने सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका को ग़लत कह दिया है. जिसके बाद वकील साधना ने गुस्से में कहा कि यहां बात करने का माहौल नहीं है और अगर ऐसा ही चलता रह तो हम बात करने नहीं आएंगे.

साधना रामचंद्रन ने कहा कि शाहीन बाग में बातचीत के लिए शांति का माहौल नहीं है, इसलिए कल कहीं दूसरी जगह बातचीत पर विचार किया जाएगा. वार्ताकारों ने बातचीत के लिए प्रदर्शनकारियों की ओर से 20 लोगों की लिस्ट मांगी है.

वहीं वार्ताकार संजय हेगड़े ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदर्शन से किसी को परेशानी नहीं होनी चाहिए. हम चाहते हैं कि शाहीन बाग का प्रदर्शन देश के लिए मिसाल हो. ऐसी मिसाल जिसमें लोग कह सकें कि शाहीनबाग मे शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन किया गया था और जब लोगों को परेशानी हुई तो प्रदर्शनकारियों ने उनकी मदद भी की थी. इसके साथ ही हेगड़े ने कहा कि जब तक सुप्रीम कोर्ट है आपकी बात सुनी जाएगी.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Close